#IPL2020: महिला क्रिकेट के लिए भी खुशखबरी, यूएई में दम दिखाएंगी चार महिला टीमें भीं

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नई दिल्ली: आईसीसी टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन खारिज होने के साथ ही खुली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की राह ने महिला क्रिकेटरों के लिए भी खुशी का माहौल बना दिया है. दरअसल, आईपीएल का आयोजन यूएई में कराने का फैसला तो हो गया था, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं था कि महिला क्रिकेटरों के लिए भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोई योजना बनाई है या नहीं. लेकिन अब फैसला हो गया है कि पुरुषों की आईपीएल के साथ ही महिलाओं का भी आईपीएल जैसा एक टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ही खेला जाएगा. 

सौरव गांगुली ने कर दी है पुष्टि
बीसीसीआई ने भारत में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के चलते आईपीएल का आयोजन इस बार 19 सितंबर से 8 नवंबर तक कराने की घोषणा की है. रविवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक भी होनी है, जिसमें इस आयोजन से जुड़े मुद्दे तय किए जाएंगे. लेकिन महिला आईपीएल को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं थी. हालांकि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने रविवार सुबह स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं की आईपीएल भी आयोजित होने जा रही है. गांगुली ने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि वुमेंस आइपीएल भी होगा, जिसमें हमारी राष्ट्रीय टीम के लिए भी जगह है.”

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1 से 10 नवंबर तक 4 टीमों के बीच मुकाबले
महिला आईपीएल को लेकर गांगुली ने बहुत ज्यादा ब्योरा नहीं दिया, लेकिन बोर्ड सूत्रों ने पुष्टि की है कि इसका आयोजन पुरुष आईपीएल के अंतिम चरण में पिछले सालों की तरह ही किया जाएगा. उन्होंने महिलाओं की चार टीमों के बीच 1 से 10 नवंबर तक मुकाबले होने की बात कही है. इस हिसाब से देखा जाए तो पुरुष आईपीएल का फाइनल भी फिर 8 नवंबर के बजाय 10 नवंबर को ही खेला जाने की संभावना बढ़ गई है. 

महिला आईपीएल के बजाय टी20 चैलेंजर ही होने की संभावना
हालांकि सूत्रों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बार महिलाओं के मैच को आईपीएल ही कहा जाएगा या इस बार भी पिछले दो साल की तरह बीसीसीआई इसे महिला टी20 चैलेंजर कप कहकर ही पेश करेगा. दरअसल महिला आईपीएल कराने की राह में कई तकनीकी अवरोध हैं. इसके लिए न तो अभी तक फ्रेंचाइजी बनी हैं और न ही महिला क्रिकेटरों को नीलामी के जरिये टीमों को बांटा गया है. ये सब महज दो महीने के अंदर कर पाना संभव नहीं है. यदि पहले से मौजूद फ्रेंचाइजी को ही अपनी-अपनी महिला टीमें बनाने को कहा भी जाए तब भी नीलामी आदि की प्रक्रिया पूरा करना संभव नहीं होगा. वो भी कोविड-19 के कहर के दौर में, जब विदेशी क्रिकेटरों के खेलने की कोई पुष्टि ही नहीं है.

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