B’day Special: बंटवारे के बाद भी खत्म नहीं हुआ इस पाक क्रिकेटर का इंडियन कनेक्शन

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जहीर अब्बास (Zaheer Abbas) अपने जमाने के शानदार बल्लेबाज थे. अब्बास ने साल 1982-83 में वनडे क्रिकेट में लगातार 3 शतक लगाए थे और इसके साथ ही ऐसा करने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने थे. अपने बेहतरीन टेस्ट करियर में 4 दोहरे शतक लगाने वाले अब्बास आज यानि 24 जुलाई को अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं. बंटवारे से पहले साल 1947 में अब्बास का जन्म पंजाब के सियालकोट शहर में हुआ था.

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हालांकि उनके पैदा होने के सिर्फ 20 दिन बाद ही 15 अगस्त 1947 को देश का बंटवारा हो गया और हिंदुस्तान-पाकिस्तान के इस बंटवारे में अब्बास का शहर पाकिस्तान (Pakistan) के हिस्से में चला गया था. वैसे अगर उस वक्त देश का बंटवारा न हुआ होता तो जहीर अब्बास हिंदुस्तान के लिए खेलते और उनके द्वारा बनाए गए सभी रिकॉर्ड टीम इंडिया के नाम दर्ज होते.

जहीर अब्बास ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हिस्सा बन कई बार शानदार प्रदर्शन किया है, इसीलिए उन्हें आज भी पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन क्रिकेटर्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है. साल 1969 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले जहीर अब्बास ने करियर के दूसरे ही टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जड़ दिया था. इस मैच में जहीर अब्बास ने 274 रन अपने नाम किए थे. उनका खेलने का तरीका आस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर सर डॉन ब्रेडमैन से काफी मिलता-जुलता था, जिसकी वजह से उन्हें ‘एशियन ब्रेडमैन’ भी कहा जाता था.

इसके अलावा क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों की लिस्ट भी छोटी नहीं है. जहीर अब्बास फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले पहले एशियन बल्लेबाज हैं. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 34,843 रन अपने नाम दर्ज किए थे. उनके आंकड़ो को देख कर एक बार भारत के महान ऑलराउंडर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भी कहा था, जहीर ‘अब-बस-करो’. जहीर अब्बास ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 78 टेस्ट और 62 वनडे मुकाबले खेले थे.

कई सालों तक पाकिस्तान की टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले जहीर अब्बास ने साल 1985 में क्रिकेट से संयास ले लिया था. जिसके बाद वो कुछ वक्त के लिए मैच रैफरी बने और उसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैनेजर बने और फिर साल 2015 में आईसीसी के प्रेसिडेंट भी बने थे.

Zaheer Abbas-Reeta Luthra

वैसे, ऐसा नहीं है कि बंटवारे के बाद जहीर अब्बास का भारत से कनेक्शन खत्म हो गया. भले ही उनका परिवार 1947 में पाकिस्तान में शामिल हो गया, लेकिन उन्होंने आगे चलकर एक हिंदुस्तानी लड़की से शादी की. जी हां, जहीर अब्बास ने भारतीय मूल की रीता लूथरा से लव मैरिज की थी. दोनों की प्रेम कहानी इंग्लैंड में शुरू हुई थी, जहां रीता इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थीं और जहीर वहां काउंटी क्रिकेट खेलने गए हुए थे. दोनों पहली मुलाकात के बाद से ही एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे, जिसके बाद जहीर अब्बास और रीता लूथरा ने साल 1988 में शादी कर ली थी. शादी के बाद रीता ने अपना नाम बदलकर समीना अब्बास रख लिया था.

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