बड़ा खुलासा: जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला करवाने के लिए ISI कर रहा महिलाओं की भर्ती, जानें डिटेल

News Nation

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमले के लिए पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) महिला ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) की भर्ती कर रहा है, जिससे साथी आतंकियों को सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचाया जा सके. सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकी फंडिग पर लगाम लगने के बाद से आईएसआई ने अब आतंकियों की फंडिग करने के लिए टिफिन प्लान बनाया है.

पिछले दिनों जम्मू पुलिस ने आतंकी फंडिग की ऐसी ही कोशिश में एक डोडा के रहने वाले युवक को गिरफ्तार किया था जो आतंकी ग्रुप लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को टिफिन बॉक्स के जरिए पैसे पहुंचाता था. पुलिस ने टिफिन बॉक्स से डेढ़ लाख रुपये बरामद करके आतंकियों की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया था.

सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक ISI सुरक्षा एजेंसियों की नजर से आतंकियों को बचाने के लिए महिला OGW का सहारा ले रही है. महिला OGW आतंकियों के ग्रुप को एक जगह से दूसरे जगह ले जाती हैं. ग्रुप में महिला सदस्य मौजूद होने से कई बार आतंकी सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं. जानकारों के मुताबिक कुछ मामलों में ये देखा गया है कि महिला OGW लाइन ऑफ कंट्रोल से कश्मीर में घुसपैठ में कामयाब हुए आतंकियों की भी मदद करती हैं.

सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक ISI ने आतंकियों को निर्देश दिया है कि वो मोबाइल के इस्तेमाल से बचें और कोड वर्ड के जरिए ही दूसरे आतंकी या उनके कमांडर्स से बात करें. यही नहीं आतंकियों को लो प्रोफाइल रहने को कहा गया है जिससे उनके बारे में खुफिया जानकारी आसानी से इकट्ठी ना की जा सके.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक LoC पर भारी संख्या में आतंकियों का जमावड़ा है. सभी आतंकी पाकिस्तानी सेना की मदद से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की बड़ी साजिशों में लगे हुए हैं. देश की अलग-अलग खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि 380 आतंकी LoC से सटे लांचिंग पैड पर जमा हैं जिन्हें भारत में दाखिल करवाने के लिए पाकिस्तानी सेना लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रही है.

Zee News को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सुरक्षा बलों पर हमले के लिए बॉर्डर एक्शन टीम को भी सक्रिय किया हुआ है जिससे खतरा बना हुआ है. एलओसी से सटे इलाकों में कई आतंकियों के ग्रुप पाकिस्तानी सेना के कैंपों में भी देखे गए हैं.

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