आतंकियों के खिलाफ ‘फुल फॉर्म’ में सुरक्षाबल, इस साल अब तक 142 आतंकियों का शिकार

News Nation

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से सुरक्षाबल पूरे फॉर्म में है. इस साल जनवरी से अब तक जम्मू कश्मीर में 142 आतंकियों को सुरक्षाबल अपना शिकार बना चुके हैं. इनमें से 48 आतंकी तो पिछले महीने जून में मारे गए. इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने नए युवाओं को आतंक के रास्ते पर जाने से रोकने में भी बड़ी कामयाबी पाई है. 

बड़े आतंकियों के खात्मे ने तोड़ी आतंकी संगठनों की कमर
कश्मीर जोन के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पिछले 6 महीने में हिज्बुल, जैश और लश्कर ए तोइबा जैसे आतंकी संगठनों के एक दर्जन से ज्यादा सरगनाओं को मारा गया है. इस साल मारे गए बड़े आतंकियों में रियाज नाइकू, जुनैद सेहराई, वलीद भाई और इश्फाक शामिल हैं. इन आतंकियों के खात्मे के साथ ही आतंकी संगठनों की कमर टूट गई है.

ओवर ग्राउंड वर्करों पर कसी गई नकेल
आईजीपी के मुताबिक अब पुलिस ने नई रणनीति पर काम करते हुए ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) पर ध्यान केंद्रित किया है. ये ओवर ग्राउंड वर्कर आतंकियों के लिए हथियार, भोजन, ट्रांसपोर्ट और रहने के ठिकाने का इंतजाम करने का काम करते हैं. पुलिस ने अभियान चलाकर इस साल 200 से ज्यादा OGW को गिरफ्तार किया है. इन OGW से हुई पूछताछ के बाद कश्मीर घाटी में कई आतंकी ठिकानों का भंडाफोड़ हुआ है. जहां से सुरक्षाबलो को बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. 

ह्यूमन इंटेलिजेंस पर फोकस बढ़ा
सुरक्षाबलों ने आतंकियों तक पहुंचने के लिए इस साल ह्यूमन इंटेलिजेंस पर भी काफी फोकस किया है. घाटी में चलाए गए सैकड़ों कॉर्डन और सर्च ऑपरेशनों में से अधिकतर सफल रहे हैं. ऐसे अभियानों के जरिए सुरक्षा बलों ने इस साल 9 सक्रिय आतंकियों को गिरफ्तार किया है. 

डोडा और श्रीनगर जिले आतंकी मुक्त घोषित हुआ
सुरक्षाबलों के आतंकियों के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियानों ने आतंकी संगठनों में खलबली मचा रखी है. इस साल पहली बार जम्मू में डोडा और कश्मीर में श्रीनगर ज़िला आतंकी मुक्त घोषित हुए हैं. इसके साथ ही दक्षिण कश्मीर का त्राल इलाका भी आतंकी मुक्त हो चुका है. इन इलाकों में सक्रिय सभी आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है. 

आतंकी संगठनों को भर्ती के लिए नहीं मिल रहे कश्मीरी युवक
सुरक्षाबलों की सख्ती की वजह से आतंकी संगठनों को भर्ती के लिए नए युवक नहीं मिल रहे हैं. यही वजह है कि इस साल आतंकी संगठनों में नई भर्ती में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ गई है. पुलिस के मुताबिक़ बहुत से स्थानीय लड़के अब आतंकी संगठनों में शामिल नहीं होना चाह रहे. वे अब पढ़ लिखकर देश की मुख्य धारा में जुड़ने में अपना भविष्य देख रहे हैं. यह स्थिति के सामान्य होने का बड़ा संकेत है.

एलओसी पार घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं 250 आतंकी
जम्मू- कश्मीर में आतंक पर प्रभावी तरीके से लगाम लगा दिए जाने से पाकिस्तान में बौखलाहट बढ़ी है. इसी का नतीजा है कि उसने एलओसी पर युद्ध विराम के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ा दी हैं. इन युद्ध विराम उल्लंघनों के जरिए वह सीमा पार से नए आतंकियों को जम्मू कश्मीर में धकेलने की कोशिश करता है. खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक पीओके के विभिन्न लांच पैडों पर इस वक्त करीब 250 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं. लेकिन सतर्क भारतीय सेना उन्हें अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होने दे रही है. 

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